Thursday, May 28, 2009

अंधविश्वासजनित रोकने 20 हज़ार स्वयंसेवी कार्यकर्ता - विश्वरंजन


हर ग्राम से एक कार्यकर्ता होंगे तैयार
रायपुर । सामाजिक अपराध और अमानवीय गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाले प्रचलित अंधविश्वासों से प्रदेश को मुक्त करने के लिए राज्य के हर गाँव से एक-एक कार्यकर्ता को छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशिक्षित करने जा रही है । ये प्रशिक्षित कार्यकर्ता अपने-अपने गाँव में पांरपरिक रूप से प्रचलित अंधविश्वासों, जैसे इनमें टोनही, डायन, झाड़-फूँक की आड़ में ठगी, धन दोगूना करने की चालाकिय
ों, गड़े धन निकालने, शारीरिक, मानसिक आपदाओं को हल करने के लिए गंडे ताबीज, चमत्कारिक पत्थर एवं छद्म औषधियों का प्रयोग कर धन कमाने आदि गतिविधियों, घटनाओं के पीछे की जाने वाली चालाकियों एवं ट्रिक्स की वैज्ञानिक व्याख्या कर प्रायोगिक प्रदर्शन कर जनजागरण करेंगे । ज्ञातव्य हो कि पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन की विशेष सामाजिक पहल पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने वर्ष 2009 में टोनही प्रकरणों की दर को शून्य पर स्थिर करने तथा अंधविश्वास आधारित अपराधों के नियंत्रण हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया है ।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि राज्य में संचालित इस अभियान में लगभग 20,000 (बीस हज़ार) स्वयंसेवी कार्यकर्ता प्रशिक्षित होकर अंधविश्वासजनित अपराधों को रोकने में प्रमुख भूमिका निभायेंगे । प्रथम चरण में 19 जिलों से चयनित 200 जिला स्त्रोत प्रशिक्षकों को देश-विदेश में वैज्ञानिक तरीकों से अंधश्रद्धा उन्मूलन के लिए प्रसिद्ध संस्था नागपुर एवं पटना की सामाजिक संस्था द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण रायपुर में दिलाया जायेगा । ये जिला स्त्रोत प्रशिक्षक पुलिस अधीक्षक एवं जिला टास्क फ़ोर्स के अध्यक्ष द्वारा चयनित पुलिस अधिकारी एवं स्वयंसेवी कार्यकर्ता होंगे । द्वितीय चरण में ये 200 प्रशिक्षित जिला स्त्रोत प्रशिक्षक 19 जिलों के प्रत्येक अनुविभाग स्तर पर 10-10 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे । ये अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले पुलिस कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला संगठन के सदस्य, कलाकार, समाजसेवी होंगे । अनुविभाग स्तर पर प्रशिक्षित ट्रेनर्स अपने अनुविभाग के अधीन सभी थानों के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक ग्राम से 1-1 स्वयंसेवी कार्यकर्ता को दक्ष करेंगे । ये स्वयंसेवी कार्यकर्ता ग्राम कोटवार, युवा /महिला संगठन के सदस्य, लोक कलाकार आदि होंगे जिनका चिन्हाँकन थानेदार द्वारा किया जायेगा । इस तरह से कुल 19744 अर्थात् 20,000 कार्यकर्ता वैज्ञानिक चेतना, ट्रिक्स एवं उन चालाकियों से ग्रामीणों को परिचित करायेंगे ताकि टोनही आदि कई अंधविश्वासों से अपराधों को बल न मिले । इसके अलावा प्रत्येक मेले, मडई, शिविरों आदि में वैज्ञानिक ट्रिक्स से अंधविश्वास के बचने के लिए विशेष आयोजन भी करेंगे । ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक कार्यकर्ता विशेष तौर पर टोनही, डायन के साथ-साथ अंधश्रद्धा के दुष्परिणामों की रोकथाम के लिए कई तरह के प्रावधानित कानून जैसे - औषधि और जादू उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम 1955, भारतीय दंड संहिता ( धारा 420 एवं अन्य), तथा छत्तीसगढ़ में विशेष तौर पर टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम-2005 आदि की जानकारी भी गाँव-गाँव में देंगे, ऐन वक्त पर अपराधों को रोकने के लिए पुलिस को संसूचित करेंगे ताकि अनहोनी और अप्रिय घटनाओं, अपराधों समय रहते ही को टाला जा सके ।

Friday, May 22, 2009

राजभवन में नक्सल जिले के पुलिस अफसरों की बैठक

राज्यपाल श्री नरसिम्हन ने शुक्रवार २२ मई को राजभवन में बैटक लेकर पुलिस अफसरों से नक्सल समस्या पर चर्चा की जिसमे राज्य में नक्सलियों की विस्तार निति को फ़ैल करने की योजना बनी है,बैटक में डीजीपी विश्व रंजन ,आई जी (बस्तर ) लांग कुमेर भी शामिल हुए , गौरतलब है की १० मई को धमतरी में हुए नक्सली विस्फोट में मरे गए १३ जवानो की मौत के बाद राज्यपाल पुलिस की कार्य प्रद्ली से नाराज चल रहे है ,

Sunday, May 17, 2009

छ ग में १ साल में नक्सल ख़त्म नही तो इस्तीफा

ग्रह मंत्री ननकीराम कवर ने प्रदेश में नक्सल वाद खत्म नही होने पर १ साल में इस्तीफा देने की घोषणा की है , गौरतलब है की ९ मई 2009 की रात धमतरी के नगरी में हुए नक्सली विस्फोट ओउर १३ जवानओ के शहीद होने के बाद श्री कवर १३ मई राज्यपाल से मिलने गए थे, इस मामले में धमतरी ओउर कांकेर पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आई है, इस मामले में राज्यपाल ने डीजीपी अनिल एम् नवानी ,होम सेक्टरी एन के आसवाल ,डीआई जी (नक्सल आप्रेसन) पवन देव ,एस टीऍफ़ डीआईजी कर्नल रजनेश शर्मा ,एसपी अभिषेक पाठक,धमतरी एसपी नेहा चम्पावत की क्लास ली थी , पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है,

Sunday, May 10, 2009

नक्सलियों से सीधी लडाई डॉ.रमन सिंह

छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने ८ मई को राज्य पुलिस के आला अफसरों की बैठक लेकर नक्सलियों से आरपार की लडाई करने की घोषणा कर दी है ,बैठक में गृह मंत्री ननकीराम कंवर भी शमिल हुए थे,सरकार ने काफी समय बाद रुख कदा किया है ,गोरतलब है की नक्सलियों ने १५ दिनों से लगतार नक्सली घटनाओ को अंजाम देना शुरू कर दिया है ,