Thursday, July 11, 2013

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला न्यायलय में शहरी नक्सली नेटवर्क के आरोपियों को सजा सुनाए से पहले न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला न्यायालय में शहरी नक्सली नेटवर्क के आरोपियों को चार साल बाद सात साल की सजा

विशेष न्यायालय से लैगिंक अत्याचार के मामले में महिलाओ को मिला न्याय

रायपुर।(एंटी क्राईम रिर्पोट)महिलाओ पर लैगिक अत्याचार के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई है।विशेष न्यायालय में पदस्थ प्रभारीअभियोजन अधिकारी हिना यास्मिन खान ने यह जानकारी दी है।विशेष न्यायालय की अभियोजन अधिकारी हिना यास्मिन खान ने बताया कि जून माह में विशेष न्यायालय की प्रथम श्रेणी न्यायाधीश छाया सिंह ने इन तीन अलग अलग मामलो में आरोपियों को सजा सुनाई है। 13 दिसम्बर 2012 तरह की शाम को रोटरी नगर आई ब्लाक के पास आरोपी दीपक ध्रुव ने प्रार्थिया का छेड़खानी की नीयत से हाथ पकडा विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी।इस मामले में आरोपी दीपक को धारा 3 5 4,5 0 6 के तहत एक साल की सजा सुनाई है। दुसरे मामले में31मार्च2008 की शाम को आरोपी अशोक मेहर ने प्रार्थिया के मकान में घुसकर आरोपी ने छेड़खानी करने की नीयत से हाथ पकड़ा इस मामले में 6 माह का सश्रम कारावास और पाँच सौ रूपए का अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी तरह तीसरे मामले में 11 सितंबर 2011 को आरोपी सुरेश वर्मा ने प्राथिया के घर में घुसकर छेड़खानी की थी .इस मामले में भी 3 माह की सजा दी गई है। विशेष न्यायालय की प्रभारी अभियोजन अधिकारी हिना यास्मीन खान ने बताया कि विशेष न्यायालय में पीडि़ता को जल्द न्याया दिलाने के लिए गवाही समंस तामील सीधे पुलिस अधीक्षक को अभियोजन के माध्यम से प्रषित किया जा रहा है। गौरतलब है कि दिल्ली में हुए गैंग रेप के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लैगिंक अत्याचार के मामले में उच्च न्यायालय को निर्देश दिया था। इसके बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर लैगिक मामले में पीड़िता को जल्द न्याया दिलाने के लिए विशेष कोर्ट की स्थापना की गई है।