Sunday, June 28, 2009

नक्सल समस्या से निपटने के पॉँच मंत्र

राज्यपाल ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान अफसरों की बैठक लेकर नक्सल समास्या से निपटने के लिए पांच मंत्र दिए है। जिससे बस्तरवासियों को खुशहाल बनाकर नक्सल समास्या को खत्म किया जा सके। इसके लिए उन्होंने बस्तर में लोक सुरक्षा, अन्न सुरक्षा सहित शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार पर ज्यादा बल देने का निर्देश दिया है। राज्यपाल ई.एस.एल.नरसिम्हन ने बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि अंचल में आम जनता की सुरक्षा, सुरक्षा सहित शिक्षा,स्वास्थ्य और सतत् रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने,पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति की यह पांच जरूरतें पूरी हो जाय तो वह खुशहाल रहेगा। उन्होंने प्रदेश को आगे बढ़ाने में बस्तर में काम कर रहे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अत्यंत कठिन और विषम परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। राज्यपाल ने अधिकारियों से उनके विभाग के बारे में जानकारी ली जिसमें आदिम जाति कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग,स्वास्थ्य विभाग,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग,विद्युत वितरण कम्पनी,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा,वन विभाग और वन अधिकार मान्यता पत्रों के वितरण की स्थिति, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शिक्षा विभाग से जुड़े हुए महत्वपूर्ण विषयों पर अंचल में संचालित इन विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी शामिल थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केन्द्र शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गरीबों के हित में अधिक से अधिक क्रियान्वित कर उन्हें लाभान्वित करना हमारा उद्देश्य होना चाहिये।राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा है कि वे सिर्फ ऑफिस में बैठकर काम करने तक सीमित न रहें,बल्कि वे गांवों में जाकर ग्रामवासियों से मुलाकात करें। गरीबों का चावल चोरी न हो इसका विशेष ध्यान रखें। वन अधिकार मान्यता पत्र के पात्र हितग्राहियों को जिस जमीन का उपयोग करने के लिए अधिकार पत्र दिया गया है,ऐसे हितग्राहियों की जमीन पर किसी भी स्थिति में भू-माफिया की नजर न लगे उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं के विस्तारीकरण की भी जानकारी ली। शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्यपुस्तक वितरण और मध्यान्ह भोजन सहित सायकल वितरण, गणवेश वितरण तथा कम्प्यूटर शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि संबंधित शिक्षा और आदिम जाति कल्याण विभाग, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के लोग गंभीरता पूर्वक काम करें।

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