Monday, April 4, 2011

हम किसी राज ठाकरे जैसे नेता की तलाश में नहीं

फिर से ब्लाग में लिखना शुरू कर रहू ,,,,,,छत्तीसगढ़ में शोषण बढता जा रहा है.हम किसी राज ठाकरे जैसे नेता की तलाश में नहीं है न ही छत्तीसगढ़ में हम कोई राज ठाकरे पैदा करना चाहते लेकिन गैर छत्तीसगढ़यो ने अपने दोहन परम्परा में सुधार नहीं किया तो बदती बेरोजगारी ,,,,,,,,,जल जंगल जमींन का दोहन ,,,,,,,,छत्तीसगढ़ में एक तूफान खड़ा कर सकता है ,,,,,,,,,,जिसका खामियाजा शोसको को भुगतना सकता है ,,,,,,,,,पुरे प्रदेश में जनता की हालत ख़राब है ,,,बस्तर सभांग नक्सली समस्या से जूझ रहा है ,,,,,,,,,,फ़ोर्स से भी जनता पीड़ित है ,,,,,,,,,,सरकार नक्सलवाद ख़त्म करने की सनक में जनता को ही न ख़तम कर दे ,,,नक्सलियों के सताए ग्रामीण अब फ़ोर्स का कहर झेल रहे है. ,,,ताड़मेंतला की घटना से कुछ ऐसा ही लग रहा है ,,,,,,,,,,,,

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