Wednesday, October 20, 2010

केंद्री मंत्री की सुपारी छह सौ में


अमीर धरती गरीब लोग वाले अनिल भैय्या ने कहा था कि कभी सच लिखना हो तो ब्लाग पर लिखो वहीं हम सबके बीच ब्लांग को आज का आंदोलन बताने वाले अवारा बंजारा के संजीत त्रिपाठी की भी यहीं राय रही है कि ब्लांग में समाचार नहीं विचार लिखो चलो अपने निजी लेकिन हजारो लाखो छत्तीसगढ़िया के मन के गोठ याने विचार लिख देता हुं।

राय स्थापना दिवस भी आ रहा है। छत्तीसंगढ़ में बेरोजगारी बढ़ गई है यहीं कारण है कि यहां हर कोई सस्ते में आदमी मांगता है। छॉलीवुड के कलाकार से लेकर अखबारो के पन्ने रंगने वाले धांसू कलमकार यहां सस्ते में मिल जाते हैं। हरियाणा हो या राजस्थान सभी को यहां सस्से में मजदूर मिलते हैं। इस लिए जोर से बोलो छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया,,,,सबसे मजे की बात यह है कि कोचिया (दलाल) भी मौजूद है। कम दर में बात कर बेहतर काम करवाने का दावा करते हैं। खैर फिर भी जय छत्तीसगढ़...जय जौहर,,,,

बहारहाल हम इस गंदगी को बाद में कोसेगें। लेकिन हाल ही में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (गांधी मैदान)में हुए कालिख कांड की सुपारी की कीमत ने अब यहां के गुंडे बदमाशो की कीमत भी कम कर दी है। जिससे अब क्रांतिकारी किस्म के युवक यह भी नहीं कह सकते कि अगर कोई काम धाम नहीं मिला तो भाई बन जाएगें।

भाई हां मुंबई के भाई । भाई की कीमत यहां गिर गई है भाई।

छत्तीसगढ़ में गुंडागर्दी की कीमत में गिरावट भी अपराध जगत के लिए चिंता जनक है। यह समाज शास्त्रीयों के लिए सोचने की बात है। लेकिन एक ताजा घटना की ओर जाएगें तो गुंडा गर्दी की कीमतमुंबई,दिल्ली,यूपी,बिहार,राजस्थान,हरियाणा के मुकाबले छत्तीसगढ़ में कम है। केन्द्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ प्रभारी वी नारायण सामी पर नारेबाजी कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओ और उनके संडे मुसंडे सुरक्षा कर्मियों के सामने कालिख फेकने वाले युवको ने एर नजर में तो साहस का काम किया है। लेकिन यह साहस शांत छत्तीसगढ़ को शूट नहीं करती है। यहां मेहमा जो हमारा होता है वह जान से प्यारा होता है।

बहारहाल पुलिस को पूछताछ में बताया कि पप्पू फरिश्ता नामक कांग्रेसी (तथाकथित) नेता ने उन्हें मात्र छह सौ रुपए दिए हैं। पकड़े गए आरोपियों की संख्या करीब छह है। इससे लगता है कि सौ रुपए की रोजी में यहां असामजिक तत्व मिलते हैं। अब समझ में आया नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में क्यो फल फूल रहा है। नेताओं को चिंता करना चाहिए अगर बेरोजगारी का यहीं हाल रहा तो उन्हें सस्ते में गुंडे बदमाश तो मिल जाएगें। लेकिन इस सस्ती सुपारी में उनकी ही जान पर खतरा मंडराएगा। है न बात पते की। खैर अब आने वाला समय ही बताएगा। छत्तीसगढ़ में मजदूरी की कीमत बढ़ती है कि नहीं बहारहाल दो अखबार भी अपना सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए मारपीट पर उतर गए हैं।

खैर छत्तीसगढ़ियों को प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह और राय निर्माण आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले उनके बेटे सहित्कार हरि ठाकुर की प्रतिमा के पास जिलाधीश महोदय के अनुमति से शराब ठेकेदार द्वारा शराब दूकान और चखना सेंटर खोल दिया गया है। इसके विरोध में एक बड़ी रैली निकालनी पड़ी है।

जहां हम लोग एक और राय स्थापना दिवस मनाने जा रहे हैं। वहीं हमें इस शर्म से भी डूबना पड़ रहा है कि छत्तीसगढ़ियों का आखिर होगा क्या।

पर नारेबाजी कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओ और उनके संडे मुसंडे सुरक्षा कर्मियों के सामने कालिख फेकने वाले युवको ने एर नजर में तो साहस का काम किया है। लेकिन यह साहस शांत छत्तीसगढ़ को शूट नहीं करती है। यहां मेहमा जो हमारा होता है वह जान से प्यारा होता है।

बहारहाल पुलिस को पूछताछ में बताया कि पप्पू फरिश्ता नामक कांग्रेसी (तथाकथित) नेता ने उन्हें मात्र छह सौ रुपए दिए हैं। पकड़े गए आरोपियों की संख्या करीब छह है। इससे लगता है कि सौ रुपए की रोजी में यहां असामजिक तत्व मिलते हैं। अब समझ में आया नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में क्यो फल फूल रहा है। नेताओं को चिंता करना चाहिए अगर बेरोजगारी का यहीं हाल रहा तो उन्हें सस्ते में गुंडे बदमाश तो मिल जाएगें। लेकिन इस सस्ती सुपारी में उनकी ही जान पर खतरा मंडराएगा। है न बात पते की। खैर अब आने वाला समय ही बताएगा। छत्तीसगढ़ में मजदूरी की कीमत बढ़ती है कि नहीं बहारहाल दो अखबार भी अपना सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए मारपीट पर उतर गए हैं।

खैर छत्तीसगढ़ियों को प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह और राय निर्माण आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले उनके बेटे सहित्कार हरि ठाकुर की प्रतिमा के पास जिलाधीश महोदय के अनुमति से शराब ठेकेदार द्वारा शराब दूकान और चखना सेंटर खोल दिया गया है। इसके विरोध में एक बड़ी रैली निकालनी पड़ी है।

जहां हम लोग एक और राय स्थापना दिवस मनाने जा रहे हैं। वहीं हमें इस शर्म से भी डूबना पड़ रहा है कि छत्तीसगढ़ियों का आखिर होगा क्या।

ये छत्तीसगढ़ है बाबू ,अमीर धरती,गरीब मनखे,,

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