Saturday, December 26, 2009

प्रदेश के नए इलाके भी अब नक्सलियों के चंगुल में


छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग के बाद अब नए जिले भी नक्सलियों के चंगुल में आ चुके है। रायपुर जिले का गरियाबंद , मैनपुर और धमतरी जिले का नगरी सिहावा इलाका पहले से ही प्रभावित है। वहीं बिलासपुर,कोरबा,रायगढ़ जैसे शांत प्रदेश भी अब नक्सली गतिविधियों से परचित हो रहे है। हालांकि बिलासपुर,कोरबा,रायगढ़ में नक्सलियों ने अब तक कोई हिंसात्मक घटना को अंजाम नहीं दिया है। लेकिन उनकी घुसपैठ से पुलिस भी इंकार नहीं करती है। सूत्रों के मुताबिक कोरबा के खदान वाले क्षेत्रों में आठ महीना पहले ही नक्सली हलचल से वहां दहशत फैल गया था। तत्कालीन एसपी रतन लाल डांगी ने स्वीकारा था कि नक्सली हलचल इस क्षेत्र में शुरुआती दौर में है। दूसरी ओर डीजीपी विश्वरंजन का कहना है कि नक्सली बस्तर और सरगुजा में दबाव बढऩे पर नए जिले में घुसपैठ कर रहे है। इसके पीछे फोर्स का ध्यान भटकाना है। पुलिस और खुफिया तंत्र ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह नजर रख रकी है। गरियाबंद में फोर्स भेजा जा चुका है। नए क्षेत्रों में जरुरत पडऩे पर फोर्स भेजा जाएगा। रायगढ़ जिले के कोपा में पकड़े गए नक्सली नेता संजय चक्रधारी से पूछताछ चल रही है। उसके निशानदेही पर टिफिन बम खोज निकला गया है। जिसे उसने पहाड़ में गढ्ढ़्ा खोदकर दबा रखा था। इससे स्पष्ट है कि वह किसी बड़े नक्सली वारदात के चक्कर में था। छत्तीसगढ़ का कश्मीर खतरे में छत्तीसगढ़ का कश्मीर कहे जाने वाले मैनपाट (ठंडा इलाका)की पहाड़ी अब नक्सली घुसपैठ से जूझ रहा है। नेपाली दस्ता से अलग हुए नक्सली कमांडर संजय चक्रधारी से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस यहां भी छानबीन कर रही है।

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