Thursday, July 30, 2009

नक्सली शहीद सप्ताह में पुलिस सतर्क


नक्सल प्रभावित बस्तर में माओवादी द्वारा मनाए जा रहे नक्सली शहीदी सप्ताह का पूरा असर देखा गया है। उद्योग घरानों का विरोध करने के साथ ही नक्सली अब रात्रि में चलने वाली यात्री बसों की तलाशी भी ले रहे हैं। नक्सलियों को शक है कि पुलिस किसी योजना के तहत उन तक पहुंच सकती है। यात्री बसों और निजी फोर व्हीलर वाहनों के लिए फरमान जारी करते हुए गाड़ी के भीतर की लाइट जलाए रखने का फरमान भी नक्सलियों ने जारी किया है। प्रदेश से लगे नक्सल प्रभावित उड़ीसा ,महाराष्ट्र के साथ साथ बस्तर संभाग में नक्सली शहीदी सप्ताह का असर छाया हुआ है। वर्दीधारी नक्सली किसी भी मोड़ और दूरस्थ इलाके में जंगल से निकल कर सामने आ जाते हैं। यात्री बस और आंध्रप्रदेश की ओर से आने वाले मालवाहक वाहनों को रोककर तलाशी ली जा रही है। यात्री बसों में सवार यात्रियों के जरिए वे अपना संदेश भी प्रचारित कर रहे हैं। पुलिस ने भी नक्सली पर्चे बरामद किया है। पर्चों में स्थानीय गोढ़ी और हल्बी भाषा का प्रयोग भी किया गया है। नक्सली अपनी शहीदी सप्ताह में पूरी तरह सर्तकता बरत रहे है। खुफिया तंत्र के मुताबिक प्रदेश में विधानसभा सत्र चलने और ३ अगस्त को नक्सली सप्ताह के समापन पर नक्सली कोई बड़ा धमाका कर सकते हैं। बाक्सनए क्षेत्रों में पुलिस एलर्ट शहीदी सप्ताह में नक्सल प्रभाव वाले नए इलाके रायपुर जिले के मैनपुर गरियाबंद,धमतरी जिले के नगरी, सिहावा,दुर्ग जिले के दल्लीराजहरा,कुम्हारी,चरौदा (कारतूस बरामदगी के इलाके ) राजनांदगांव के आउटर के जंगल में पुलिस सर्तकता बरत रही है।

No comments: